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युक्तियुक्तकरण से ग्रामीण शिक्षा में आ रहा निखार

बच्चों को मिल रही गुणवत्तापूर्ण शिक्षा

बच्चों को मिल रही गुणवत्तापूर्ण शिक्षा

बच्चों को मिल रही गुणवत्तापूर्ण शिक्षा

राज्य शासन द्वारा शिक्षकों के युक्तियुक्तकरण के अंतर्गत की जा रही पदस्थापना प्रक्रिया का लाभ अब ग्रामीण अंचलों में स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगा है। इस पहल से ग्रामीण शिक्षा व्यवस्था में गुणात्मक सुधार हो रहा है तथा विद्यार्थियों को नियमित और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त हो रही है।

युक्तियुक्तकरण की पहल के चलते सक्ती जिले की शासकीय प्राथमिक शाला तोहिलाडीह में उल्लेखनीय बदलाव देखने को मिला है। यह विद्यालय लंबे समय से एकल शिक्षकीय था। केवल एक शिक्षक के सहारे सभी विषयों की पढ़ाई कराना संभव नहीं हो पा रहा था, जिससे शिक्षा की गुणवत्ता प्रभावित हो रही थी। साथ ही विद्यालय के प्रधानपाठक के सेवानिवृत्त हो जाने से भी शैक्षणिक गतिविधियों पर प्रतिकूल असर पड़ा था।

राज्य शासन की युक्तियुक्तकरण नीति के अंतर्गत शिक्षिका श्रीमती सीता श्रोते की पदस्थापना तथा प्रधानपाठक श्री मनोज कुमार जायसवाल की नियुक्ति से विद्यालय में नई ऊर्जा और उत्साह का संचार हुआ है। वर्तमान में यहाँ 30 छात्र-छात्राएँ अध्ययनरत हैं, जिन्हें अब नियमित रूप से सभी विषयों की पढ़ाई कराई जा रही है। इससे बच्चों को बेहतर मार्गदर्शन, अनुशासन और पढ़ाई के प्रति नया जोश देखने को मिल रहा है। विद्यालय की शिक्षिका श्रीमती सीता श्रोते ने बताया कि शासन की यह पहल ग्रामीण और पिछड़े अंचलों में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने की दिशा में अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि इस पहल से विद्यार्थियों की उपस्थिति में निरंतर वृद्धि हो रही है और बच्चे पढ़ाई में अधिक सक्रियता से भाग लेने लगे हैं।

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