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साल में दो बार मनाई जाती है हनुमान जयंती, ज्यादातर लोगों को नहीं पता

अपार भक्ति और श्रद्धा का प्रतीक

हनुमान जयंती इस बार 12 अप्रैल को मनाई जा रही है. हनुमान जयंती चैत्र माह की पूर्णिमा तिथि को मनाई जाती है. इसी दिन बजरंगबली का जन्म हुआ था.

पूरे देश में हनुमान जयंती धूमधाम से मनाई जा रही है. हनुमान जयंती या हनुमान जन्मोत्सव हर साल चैत्र माह की पूर्णिमा तिथि को मनाई जाती है.हनुमान जयंती इस बार 12 अप्रैल को मनाई जा रही है. पंचांग के अनुसार, इस बार हनुमान जयंती 12 अप्रैल को सुबह 3.20 बजे शुरू होगी. 13 अप्रैल सुबह 5.52 बजे तक चलेगी.  पौराणिक कथा के अनुसार, इसी दिन बजरंगबली का जन्म हुआ था. हनुमान जी राज केसरी और माता अंजनी के घर पैदा हुए थे.

हनुमान जन्मोत्सव का दिन अपार भक्ति और श्रद्धा का प्रतीक है। यह हर साल दो बार मनाया जाता है। एक चैत्र माह की पूर्णिमा और दूसरी कार्तिक माह की चतुर्दशी तिथि को। इस बार यह 23 अप्रैल, 2024 दिन मंगलवार को मनाया जाएगा। राम भक्त हनुमान जी के जन्म को लेकर भक्तों के मन में यह सवाल हर साल आता है कि आखिर उनका जन्म साल में दो बार क्यों मनाया जाता है ? ऐसे में आज हम बजरंगबली के भक्तों की यह दुविधा दूर करते हुए इसके पीछे का रहस्य बताएंगे, जो यहां विस्तार से दिया गया है। 

 

चैत्र मास में इस वजह से मनाया जाता है हनुमान जन्मोत्सव

ग्रंथों के अनुसार, एक बार भूख से बेहाल बाल हनुमान ने भोजन की लालसा में फल समझकर सूर्यदेव को निगल लिया था, जब इंद्रदेव ने उन्हें भगवान सूर्य को मुख से निकालने को कहा, तो उन्होंने मना कर दिया, जिसके चलते देवराज इंद्र क्रोध में आ गए और उन्होंने हनुमान जी पर वज्र से प्रहार कर दिया, जिससे वे मूर्छित हो गए। इस वाक्य को देख पवनदेव क्रोधित हो गए और उन्होंने पूरे जगत से वायु का प्रवाह रोक दिया।इसके बाद ब्रह्मा जी और अन्य देवताओं ने अंजनी पुत्र को दूसरा जीवन प्रदान किया और अपनी-अपनी कुछ दिव्य शक्तियां भी दी। यह घटना चैत्र मास की पूर्णिमा तिथि के दौरान हुई थी, तभी से इस दिन को भी हनुमान जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाने लगा।

इस दिन जन्मे थे अंजनी पुत्र

पौराणिक कथाओं के अनुसार, कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को वीर हनुमान का जन्म मां अंजनी के गर्भ से हुआ था। कहा जाता है उनके जन्म के समय कई प्रकार के शुभ संयोग बन रहे थे, जिनका एक साथ बनना बेहद दुर्लभ माना जाता है।

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